➤ पांच वर्षों में CBSE से संबद्ध सरकारी स्कूलों को सर्वश्रेष्ठ बनाने का लक्ष्य
➤ 156 सरकारी विद्यालय हो चुके हैं CBSE से संबद्ध, 24 हजार से अधिक बढ़ा नामांकन
➤ पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम लागू, शिक्षा सुधारों पर सरकार का बड़ा फोकस
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध सरकारी विद्यालय अगले पांच वर्षों में राज्य के सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थानों के रूप में स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, समान और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
शिमला स्थित प्रतिष्ठित बिशप कॉटन स्कूल (बीसीएस) के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें सरकारी विद्यालयों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के 156 सरकारी विद्यालयों को CBSE से संबद्ध किया जा चुका है, जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में नई गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के शिक्षा सुधारों का सकारात्मक प्रभाव अब दिखाई देने लगा है। सरकारी विद्यालयों में अभिभावकों का विश्वास बढ़ा है और इसी का परिणाम है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नया नामांकन दर्ज किया गया है। यह बढ़ता नामांकन इस बात का संकेत है कि लोग अब सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर पहले से अधिक भरोसा जता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। सरकार केवल स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि सरकारी विद्यालय भी निजी संस्थानों की तरह उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर सकें।
मुख्यमंत्री ने बिशप कॉटन स्कूल की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान वर्षों से उत्कृष्ट शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और चरित्र निर्माण का प्रतीक रहा है। इस विद्यालय ने देश और विदेश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व तैयार किए हैं, जिन्होंने अपने कार्यों से संस्थान और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने या करियर बनाने तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक बनें जो समाज, प्रदेश और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन, सेवा भावना और दृढ़ संकल्प जैसे मूल्य आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं और यही गुण एक सफल एवं आदर्श व्यक्तित्व की नींव रखते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में और भी सुधारात्मक कदम उठाएगी, ताकि हिमाचल के प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिल सके।



